दूसरे अध्याय मे भगवान बोले
मोह तुझे ये क्यो आ रहा है
श्रेष्ठ पुरूष के गुण तो यह नही
इससे न स्वर्ग मिलने वाला है
अर्जुन कहे गुरू यह मेरे
बाण चलाना इन पर सही है
सलाह रहे है मांग
कृष्ण वाणी का लो गीता ज्ञान
सुन लो सारा जहान 2
भगवान कहे सुन ले हे अर्जुन
नष्ट होना हर जीव को एक दिन
जीव मे श्रेष्ठ होती जीवात्मा
जिसे नष्ट न कोई कर सकता
एैसो के लिए शोक ये कैसा
अधर्म जिनको प्यारा हमैशा
दे रहे भगवन ज्ञान
कृष्ण वाणी का लो गीता ज्ञान
सुन लो सारा जहान 2
अर्जुन कृष्ण से पूछ रहे है
स्थिर बुध्दि का अर्थ बताइए
कृष्ण बता रहे अर्थ है इसका
इन्द्रियो को वश मे जिसने किया
मोह नही जिसे इस दुनिया का
सुख, दुःख का जिसे फर्क ना पडा
वही बुध्दि है स्थिर जान
कृष्ण वाणी का लो गीता ज्ञान
सुन लो सारा जहान 2
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