समुद्र मंथन हुआ करने को अमृत का रसपान, अमृत से पहले प्रकटे कई रत्न महान, श्राद्ध पक्ष की अष्टमी माँ लक्ष्मी हुए प्रकट, धन धान्य से सुसज्जित मय्या धन्य हुआ जगत, मय्या अपना आशीर्वाद हम सभी पर बरसाये, माँ लक्ष्मी प्रकटोत्सव की आप सभी को बहुत - बहुत शुभकामनाएँ
आज अचानक मन बह गया उस और भ्रुण हत्या के मामले दर्ज है चहू और सोचा इस पाप के खिलाफ मैं भी करू कुछ कोशिश ज्यादा कुछ नही तो अपनी कविता मैं ही कुछ लिख भ्रुण हत्या के खिलाफ मैने भी ए...