कॉलेज के दिन फिर जीवन मे वापस से लोटेंगे ना
सोच के आँखे नम हो जाती ये मस्ती फिर होगी ना
शुरू शुरू कॉलेज का नजारा अजनबी सा लगता था
दोस्त ज्यादा थे नही खाली खाली सा लगता था
पर फिर दोस्ती बढने लगी ग्रुप रोज बढता जाता
दोस्तो के बगैर गुजारना तीन साल मुश्किल होता
काम रोज का था ये रूठना और मनाना
सोच के आँखे नम हो जाती ये मस्ती फिर होगी ना
अच्छे मुड से रोजाना कोचिंग की शुरूआत होती थी
आखिरी कोचिंग आते तक मुड की 12 बजती थी
लेकिन चाहे जो भी हो कोचिंग मे ही लगता मन
हाथ मिलाना मस्ती करना यादे ना भुलेंगे हम
एक दिन की छुट्टी का भी सात दिन जैसा लगना
सोच के आँखे नम हो जाती ये मस्ती फिर होगी ना
कॉलेज जाने का भी मन कभी-कभी बनाते थे
लेकिन जब भी जाते थे सभी साथ मे जाते थे
कॉलेज time मे सभी friends की शिकायते भरपूर होती
Sem शुरू होता ही है की exam date आ जाती
Exam होते ही फिर से wait कोचिंग का करना
सोच के आँखे नम हो जाती ये मस्ती फिर होगी ना
कॉलेज के कुछ ही दिन बचे है खुल के जी ले ना
आखिरी दिन की बातो को यादो मे समा लेना
क्योकि...........*
कॉलेज के दिन फिर जीवन मे वापस से लोटेंगे ना
सोच के आँखे नम हो जाती ये मस्ती फिर होगी ना
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