साँतवे अध्याय मे भगवान बोले
ज्ञान महत्वपूर्ण कहूँ मैं
पृथ्वी, अग्नि, वायु, जल
आकाश, बुध्दि, अहंकार, मन
आठ प्रकार की प्रकृति मेरी
मनुष्य द्वारा धारण जो की
चेतन, प्रकृति जान
कृष्ण वाणी का लो गीता ज्ञान
सुन लो सारा जहान 2
प्रकाश हूँ मैं चाँद, सूरज मे
जल मे रस व शब्द आकाश मे
अग्नि मे तेज, पवित्र पृथ्वी मे
जीवन हूँ सम्पूर्ण भूतो मे
मैं बलवानो की आसक्ति
कामना से रहित बल हूँ मैं
हर जगह मे मुझको मान
कृष्ण वाणी का लो गीता ज्ञान
सुन लो सारा जहान 2
देवी - देवता कोई भी हो
प्रेम से भक्ति करता है जो
वही भक्त अति उत्तम है
मुझे अत्यंत प्रिय है वह
भक्त चाहे जैसे भी भजे
अन्त मे प्राप्त मुझको ही हो
प्रेम जरूरी है जान
कृष्ण वाणी का लो गीता ज्ञान
सुन लो सारा जहान 2
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