तीसरे अध्याय मे अर्जुन बोले
भ्रमित भगवन मुझे न किजीए
कहे आप एक निश्चित बात
जिससे मेरा होगा कल्याण
कर्म से यदि श्रेष्ठ है ज्ञान
क्यो मुझे रहे कर्म मे डाल
बताए मुझे भगवान
कृष्ण वाणी का लो गीता ज्ञान
सुन लो सारा जहान 2
भगवान बोले हे निष्पाप
लोक मे दो निष्ठा है प्राप्त
सांख्ययोगियो की ज्ञान है निष्ठा
और योगियो की कर्म है निष्ठा
मनुष्य का कर्म करना है निश्चित
जो न करे वो निर्वाह नही सिध्द
कर्म जरूरी ये जान
कृष्ण वाणी का लो गीता ज्ञान
सुन लो सारा जहान 2
अर्जुन बोले मानव जात
क्यो कर रही है फिर यह पाप
क्रोध से ज्ञान यह ढँका हुआ है
जैसे आग मे धुँआ हुआ है
इन्द्रिया वश मे इनके नही है
बडा मनुष्य का घात यही है
बता रहे भगवान
कृष्ण वाणी का लो गीता ज्ञान
सुन लो सारा जहान 2
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