चौथे अध्याय मे भगवान बोले
तुझे सुनाऊँ योग पुरातन
रहस्य है ये उत्तम जान
लुप्त हो चुका इसका ज्ञान
प्रिय सखा तु भक्त मेरा
इसलिए ये तुझसे कहा
गुप्त रहे ये ज्ञान
कृष्ण वाणी का लो गीता ज्ञान
सुन लो सारा जहान 2
मैने रहस्य ये सूर्य से कहा
सूर्य ने अपने पुत्र से कहा
इसी प्रकार बढता ये ज्ञान
किन्तु अभी लुप्त ये मान
आप अभी जन्मे सूर्य पुराने
बात नही ये अर्जुन माने
जवाब रहे है मांग
कृष्ण वाणी का लो गीता ज्ञान
सुन लो सारा जहान 2
तेरे मेरे जन्म है कितने
याद मगर ये तुझको नही है
मैं अजन्मा हूँ ये तू मान
सभी जन्मो का है मुझे ज्ञान
पाप बढा है जब भी धरती पर
मैने जन्म लिया है वही पर
सब समाए मुझमे जान
कृष्ण वाणी का लो गीता ज्ञान
सुन लो सारा जहान 2
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