इस शातिर दुनिया मे अपना कौन है कौन पराया
जब भी मुश्किल आई तब ईश्वर ने हाथ बढाया
ईश्वर की लीला को समझे हम इतने काबिल नही
हमारा ही होता भला उनकी लीलाओ मे कहीं
आज अचानक मन बह गया उस और भ्रुण हत्या के मामले दर्ज है चहू और सोचा इस पाप के खिलाफ मैं भी करू कुछ कोशिश ज्यादा कुछ नही तो अपनी कविता मैं ही कुछ लिख भ्रुण हत्या के खिलाफ मैने भी ए...
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