एक बार तो भक्ति मे तुम भी डूब कर देखो
मीरा, सूरदास जैसे कई भक्त बने है लाखो
ईश्वर की भक्ति मे उन्होने कुछ तो पाया होगा
तभी तो दु:ख को दु:ख से नही हँसते-हँसते भोगा
आज अचानक मन बह गया उस और भ्रुण हत्या के मामले दर्ज है चहू और सोचा इस पाप के खिलाफ मैं भी करू कुछ कोशिश ज्यादा कुछ नही तो अपनी कविता मैं ही कुछ लिख भ्रुण हत्या के खिलाफ मैने भी ए...
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें