ग्यारहवे अध्याय मे अर्जुन बोले
विराट रूप को देखना चाहूँ मैं
सुन है पार्थ भगवान बोले
मेरे रूप को देख ना सके
दिव्य चक्षु तुझे देता हूँ
ईश्वरी योगशक्ति को देखे
संजय भी करे बखान
कृष्ण वाणी का लो गीता ज्ञान
सुन लो सारा जहान 2
अर्जुन बोले हे विष्णु
रूप को देख व्याकुल मैं हूँ
भयभीत होकर देख रहा हूँ
धीरज अपना खो रहा हूँ
प्रवृत्ति आपकी नही जानता मैं
विशेष रूप से जानना चाहता हूँ
प्रसन्न हो भगवान
कृष्ण वाणी का लो गीता ज्ञान
सुन लो सारा जहान 2
भगवान बोले सुन अर्जुन
नाश होना भी है तुझ बिन
इसलिए तू आगे बढ
नाश कर इनका युध्द कर
अर्जुन बोले हे यादव
चतुर्भुज रूप आप दिखलाओ
भयभीत खुद को जान
कृष्ण वाणी का लो गीता ज्ञान
सुन लो सारा जहान 2
हे अर्जुन भगवान बोले
रूप चतुर्भुज तू देखे
स्थिर हो गया है अब चित्त
शांत मन से अर्जुन बोले
कहे भगवान ये रूप मेरा
दर्शन करना दुर्लभ है बडा
सब समाए मुझमे जान
कृष्ण वाणी का लो गीता ज्ञान
सुन लो सारा जहान 2
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