शुरू हो गई ठंड शरीर कपकपाए,
सूरज की गर्मी सुकुन सा दे जाए,
जीवन मे खुशियाँ कुछ इस तरह आती रहे,
की हर सुबह आपकी एक नई याद बन जाए।
सुप्रभात्
आज अचानक मन बह गया उस और भ्रुण हत्या के मामले दर्ज है चहू और सोचा इस पाप के खिलाफ मैं भी करू कुछ कोशिश ज्यादा कुछ नही तो अपनी कविता मैं ही कुछ लिख भ्रुण हत्या के खिलाफ मैने भी ए...
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