तारीखे बदलती गयी समय बदलता गया,
फिर सुख दुःख का पहिया चलाने नया साल आ गया,
पुरानी बाते भूल भुलाकर आगे बढ़ना जीवन है,
समृद्धि की राह का पहला कदम समर्पण है,
हर रोज नई सिख के साथ आओ अगला कदम बढ़ाये,
नए साल को हर साल से और अधिक सुंदर बनाये,
यह नया साल आपके लिए खूब खुशियां लाये,
आपको नववर्ष की बहुत बहुत शुभकामनाये
आज अचानक मन बह गया उस और भ्रुण हत्या के मामले दर्ज है चहू और सोचा इस पाप के खिलाफ मैं भी करू कुछ कोशिश ज्यादा कुछ नही तो अपनी कविता मैं ही कुछ लिख भ्रुण हत्या के खिलाफ मैने भी ए...
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