जब जब लहराता है तिरंगा खुल कर आसमां में,
सच कहती हूँ गर्व के आँसु भर आते है आँख में,
सिर्फ 2 दिन नही सालभर मन में देशभक्ति जगाये,
गणतंत्र दिवस की आपको बहुत बहुत शुभकामनाये
आज अचानक मन बह गया उस और भ्रुण हत्या के मामले दर्ज है चहू और सोचा इस पाप के खिलाफ मैं भी करू कुछ कोशिश ज्यादा कुछ नही तो अपनी कविता मैं ही कुछ लिख भ्रुण हत्या के खिलाफ मैने भी ए...
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