समय की जिद होगी तुम्हे भटकाने की,
रिश्तो से भूल होगी तुम्हे अटकाने की,
पर समझदारी और धैर्य का तुम थामे रखना कोना,
सुकून से कटेगी जिंदगी ये विश्वास कभी ना खोना
आज अचानक मन बह गया उस और भ्रुण हत्या के मामले दर्ज है चहू और सोचा इस पाप के खिलाफ मैं भी करू कुछ कोशिश ज्यादा कुछ नही तो अपनी कविता मैं ही कुछ लिख भ्रुण हत्या के खिलाफ मैने भी ए...
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