मैं गर्वित वो इंसान हूँ
जो इस देश में जन्मी हूँ
मैं गर्वित वो इंसान हूँ
जो इस मिट्टी में पनपी हूँ
पर कौन सा देश?
मैं बेटी हूँ उस देश की
जहाँ लक्ष्मीबाई ने जन्म लिया
मैं बेटी हूँ उस देश की
जिसे सबने माँ का मान दिया
मैं बेटी हूँ उस देश की
जहाँ लहू माटी में खोल रहा
शिश लगा लो माटी को
बलिदान की बाते बोल रहा
मैं बेटी हूँ उस देश की
जहाँ सच का बड़ा सहारा है
मैं बेटी हूँ उस देश की
जहाँ ताकतवर भी हारा है
मैं बेटी हूँ उस देश की
जहाँ भक्ति, शक्ति कम नही
मैं बेटी हूँ उस देश की
जहाँ जान भी दे तो गम नही
मैं बेटी पर्वतराज की
मैं बेटी हर आवाज की
हाथ में रख लोहा पिघला दे
गर्म लहू जाँबाज़ की
मैं बेटी हूँ उस देश की
जहाँ पलता भाईचारा है
मैं बेटी हूँ उस देश की
जहाँ हर एक धर्म हमारा है
मैं बेटी हूँ उस देश की
जहाँ ईश्वर , अल्लाह एक है
मैं बेटी हूँ उस देश की
जहाँ विचार सबके नेक है
मैं बेटी हूँ उस देश की
जहाँ सच तो अब तक छुपा नही
मैं बेटी हूँ उस देश की
जहाँ भ्रष्टाचारी बचा नही
मैं बेटी उस अभिमान की
मैं बेटी उस सम्मान की
राह दी जिसने दुनिया को
मैं बेटी ऐसे ज्ञान की
मैं बेटी हूँ उस देश की
जहाँ दिखे तो भ्रष्टाचार है
पर पल मैं मन का मेल मिटा दे
ऐसा भी एक द्वार है
जानती हूँ अभी मेरी माटी देश की हालत ठीक नही
पर जल्द मिलेगी उम्मीद है मेरे देश को सिख नई
क्योकि मैं बेटी जिस देश की
वो नींव है सारे जहान की
इस नींव की ताकत है संस्कृति मेरे हिंदुस्तान की
मैं बेटी हूँ उस देश की
जहाँ पंछी सुख से गाता है
मैं बेटी हूँ उस देश की
जहाँ तिरंगा लहराता है
रग रग में मेरे बसती है खुशबू हिन्दुस्तान की
मैं बेटी भारत महान की
मैं बेटी भारत महान की
जय हिन्द जय भारत
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