आप क्या हो बेवकूफ या समझदार?????
यह जानने के लिए पूरा msg ना सही पर थोडा तो आप पढ़ ही सकते हो
मैं आपको कुछ ऐसी जानकारियो से अवगत कराना चाहती हूँ जिन्हें आप जानते तो हो पर शायद मानते नही
सबसे पहले तो आप इस अवधारणा को मन से निकाल दो की पुरानी बातो का उपयोग करने से आपका standard कम हो जायेगा । तभी आप इस msg को समझ पाएंगे
⚜आप जानते हो की हमारा देश कितना प्राचीन है और भारत की हर चीज़ , हर बात में कितनी सच्चाई और अच्छाई होती है । ये सिर्फ हम भारतवासी ही नही पूरी दुनिया जानती है ।
⚜सबसे पहले हमारी भाषा जिसकी जगह हमने अंग्रेजी को दे रखी है ।
आप जानते हो की हिंदी भाषा बोलने से विनम्रता महसूस करते है हम भी और जो सुनता है वो भी । पर हमे विनम्रता नही स्टैण्डर्ड चाहिए ।
⚜हमारे देश मैं कुत्तो को नही गायो को पालने की परम्परा है क्योकि गाय का दूध , गोबर और गौमाति कितना पवित्र और सेहतमंद है ये आप जानते हो हाँ मानते नही क्योकि आपने सेहत को नही स्टैण्डर्ड को चुना और गायो की जगह कुत्तो को दे दी ।
⚜ॐ का उच्चारण कानो को कितना मधुर लगता है और ॐ के उच्चारण से मन और सेहत दोनों स्वस्थ रहते है ये हम जानते है पर फिर भी हम अनजान बनते है क्योकि हमने स्टैण्डर्ड को चुना ।
⚜हमारे भारतीय वाद्ययंत्र तबला , हारमोनियम , बांसुरी और शंख ( जो वाद्ययंत्र नही है लेकिन शंख बजाने वाले को कभी भी हार्ट अटेक नही आता जो आजकल छोटी उम्र मैं भी आ जाता है ) ये सभी सुनने और बजाने से मन को शांति मिलती है और वातावरण शुद्ध रहता है पर हमने इनका स्थान शौर मचाने वाले यंत्रो को दे दिया जैसे dj जिसके उपयोग व शौर से आज कितने लोग कई बीमारियो से ग्रसित हो रहे है पर फिर भी हम अनजान बन रहे है क्योकि हमारा सेहत से ज्यादा स्टैण्डर्ड दिखना चाहिए।
⚜आयुर्वेद - जिसका मुकाबला अब भी कोई नही कर सका । इंसान ने इतनी मशीने व दवाइयां बनाई जो वरदान हो सकती है पर अभिशाप भी है इसीलिए वो आयुर्वेद के आगे विफल है क्योकि आयुर्वेद भगवान का दिया वरदान है जो हमारे भारत को मिला पर फिर भी हम अभिशाप के पीछे भाग रहे है क्योकि हमारी सोच हमारे नही फिरंगियो के हिसाब से चलती है ।
⚜योग- जिसकी जगह जिम ने ले ली हो सकता है जिम से शरीर स्वस्थ हो पर योग से शरीर के साथ साथ मन भी स्वस्थ रहता है और मस्तिष्क मैं शांति व सकारात्मक विचार आते है जो शरीर में नवीन ऊर्जा का संचार करता है जिससे बड़ी से बड़ी बीमारियां भी ठीक हो जाती है। यहाँ तक जिन लोगो को डॉक्टरों ने स्वर्गवास
की बुकिंग करवा दी थी उन्हें योग से नया जीवन मिला है । पर फिर भी हम जिम जाते है क्योकि स्टैण्डर्ड नही छूटना चाहिए ।
⚜घरेलु उपचार - आपके शरीर की आधी परेशानियो का इलाज तो आपके घर में ही है पर भी आप छोटी छोटी परेशानियो के लिए विदेशी दवाइयो व कॉस्मेटिक का उपयोग करते है जो असर दिखाए या ना दिखाए पर लोगो को दिखना चाहिए की आप ब्रांडेड चीजो का उपयोग करते है ।
ये तो बहुत कम बाते है जो मैंने आपको बताई लेकिन हमारे भारतीयो की बेवक़ूफ़ियो के किस्से तो भरे पड़े है जो स्टैण्डर्ड के कारण अपने साथ साथ और भी कई लोगो के जीवन से खेल रहे है क्योकि दिमाग तो हमारा है लेकिन उसे आज भी फिरंगियो ने गुलाम बना रखा है हम आँखों पर पट्टी बांध कर फिरंगियो के बताये रास्तो पर चल रहा है जो हमे विनाश की और ले जा रहा है।
मैं ये नही कहती की बदलाव तत्काल हो जाये लेकिन हम अपने दिमाग को आजाद करवाने की कोशिश तो कर ही सकते है जिसकी शुरुआत मैंने तो कर दी है ।
यदि मेरे इस msg से किसी एक व्यक्ति की आँखे भी खुल जाये तो मैं अपनी मेहनत सफल समझूँगी ।
msg पूरा पढ़ने के लिए धन्यवाद
यह जानने के लिए पूरा msg ना सही पर थोडा तो आप पढ़ ही सकते हो
मैं आपको कुछ ऐसी जानकारियो से अवगत कराना चाहती हूँ जिन्हें आप जानते तो हो पर शायद मानते नही
सबसे पहले तो आप इस अवधारणा को मन से निकाल दो की पुरानी बातो का उपयोग करने से आपका standard कम हो जायेगा । तभी आप इस msg को समझ पाएंगे
⚜आप जानते हो की हमारा देश कितना प्राचीन है और भारत की हर चीज़ , हर बात में कितनी सच्चाई और अच्छाई होती है । ये सिर्फ हम भारतवासी ही नही पूरी दुनिया जानती है ।
⚜सबसे पहले हमारी भाषा जिसकी जगह हमने अंग्रेजी को दे रखी है ।
आप जानते हो की हिंदी भाषा बोलने से विनम्रता महसूस करते है हम भी और जो सुनता है वो भी । पर हमे विनम्रता नही स्टैण्डर्ड चाहिए ।
⚜हमारे देश मैं कुत्तो को नही गायो को पालने की परम्परा है क्योकि गाय का दूध , गोबर और गौमाति कितना पवित्र और सेहतमंद है ये आप जानते हो हाँ मानते नही क्योकि आपने सेहत को नही स्टैण्डर्ड को चुना और गायो की जगह कुत्तो को दे दी ।
⚜ॐ का उच्चारण कानो को कितना मधुर लगता है और ॐ के उच्चारण से मन और सेहत दोनों स्वस्थ रहते है ये हम जानते है पर फिर भी हम अनजान बनते है क्योकि हमने स्टैण्डर्ड को चुना ।
⚜हमारे भारतीय वाद्ययंत्र तबला , हारमोनियम , बांसुरी और शंख ( जो वाद्ययंत्र नही है लेकिन शंख बजाने वाले को कभी भी हार्ट अटेक नही आता जो आजकल छोटी उम्र मैं भी आ जाता है ) ये सभी सुनने और बजाने से मन को शांति मिलती है और वातावरण शुद्ध रहता है पर हमने इनका स्थान शौर मचाने वाले यंत्रो को दे दिया जैसे dj जिसके उपयोग व शौर से आज कितने लोग कई बीमारियो से ग्रसित हो रहे है पर फिर भी हम अनजान बन रहे है क्योकि हमारा सेहत से ज्यादा स्टैण्डर्ड दिखना चाहिए।
⚜आयुर्वेद - जिसका मुकाबला अब भी कोई नही कर सका । इंसान ने इतनी मशीने व दवाइयां बनाई जो वरदान हो सकती है पर अभिशाप भी है इसीलिए वो आयुर्वेद के आगे विफल है क्योकि आयुर्वेद भगवान का दिया वरदान है जो हमारे भारत को मिला पर फिर भी हम अभिशाप के पीछे भाग रहे है क्योकि हमारी सोच हमारे नही फिरंगियो के हिसाब से चलती है ।
⚜योग- जिसकी जगह जिम ने ले ली हो सकता है जिम से शरीर स्वस्थ हो पर योग से शरीर के साथ साथ मन भी स्वस्थ रहता है और मस्तिष्क मैं शांति व सकारात्मक विचार आते है जो शरीर में नवीन ऊर्जा का संचार करता है जिससे बड़ी से बड़ी बीमारियां भी ठीक हो जाती है। यहाँ तक जिन लोगो को डॉक्टरों ने स्वर्गवास
की बुकिंग करवा दी थी उन्हें योग से नया जीवन मिला है । पर फिर भी हम जिम जाते है क्योकि स्टैण्डर्ड नही छूटना चाहिए ।
⚜घरेलु उपचार - आपके शरीर की आधी परेशानियो का इलाज तो आपके घर में ही है पर भी आप छोटी छोटी परेशानियो के लिए विदेशी दवाइयो व कॉस्मेटिक का उपयोग करते है जो असर दिखाए या ना दिखाए पर लोगो को दिखना चाहिए की आप ब्रांडेड चीजो का उपयोग करते है ।
ये तो बहुत कम बाते है जो मैंने आपको बताई लेकिन हमारे भारतीयो की बेवक़ूफ़ियो के किस्से तो भरे पड़े है जो स्टैण्डर्ड के कारण अपने साथ साथ और भी कई लोगो के जीवन से खेल रहे है क्योकि दिमाग तो हमारा है लेकिन उसे आज भी फिरंगियो ने गुलाम बना रखा है हम आँखों पर पट्टी बांध कर फिरंगियो के बताये रास्तो पर चल रहा है जो हमे विनाश की और ले जा रहा है।
मैं ये नही कहती की बदलाव तत्काल हो जाये लेकिन हम अपने दिमाग को आजाद करवाने की कोशिश तो कर ही सकते है जिसकी शुरुआत मैंने तो कर दी है ।
यदि मेरे इस msg से किसी एक व्यक्ति की आँखे भी खुल जाये तो मैं अपनी मेहनत सफल समझूँगी ।
msg पूरा पढ़ने के लिए धन्यवाद
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