एक रीत जो अंग्रेजो ने चलाई,
अंग्रेज चले गए पर रीत ना गयी,
भारत के लोगो तुम कुछ तो शर्म करो,
समझो तो यह रीत की "फुट डालो शासन करो",
देश की हालत क्यों अब तक ना सुधर पाई,
क्यों हमारे देश की एकता अब तक ना जुड़ पाई,
कभी राजनितिक लड़ाई,
कभी सामाजिक लड़ाई,
कभी धार्मिक लड़ाई,
तो कभी बेमतलब की लड़ाई,
थक गया है मन देख देखकर
कभी इसकी बुराई तो कभी उसकी बुराई,
जाने कब इस देश की हालत बदलेगी सुधरेगी,
अरसे बीते भारत माँ को जाने कब खुश होगी।
आज अचानक मन बह गया उस और भ्रुण हत्या के मामले दर्ज है चहू और सोचा इस पाप के खिलाफ मैं भी करू कुछ कोशिश ज्यादा कुछ नही तो अपनी कविता मैं ही कुछ लिख भ्रुण हत्या के खिलाफ मैने भी ए...
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