मेरे परिवार की बाते भी कमाल है
हम सब साथ मिलकर करते खूब धमाल है
ठीक है थोड़ी अनबन, नोक-झोंक तो रिश्तों का फसाना है
रिश्तों की ताकत ही तो रूठना और मनाना है
पर बात कहुँ मैं खरी
की दिल में प्यार तो अब भी गहरा है
मेरे परिवार के साथ से ही
मेरा जीवन सुनहरा है
यही प्यार कायम रखु
और रिश्तों से जुड़ती जाऊं
परिवार के दिल में अपनी
और जगह गहरी बनाऊँ
प्यार दिलो में कम ना हो
हे ईश्वर इतनी कृपा रखना
एहसास बने और भी गहरे
छूटे ना कोई अपना
आज अचानक मन बह गया उस और भ्रुण हत्या के मामले दर्ज है चहू और सोचा इस पाप के खिलाफ मैं भी करू कुछ कोशिश ज्यादा कुछ नही तो अपनी कविता मैं ही कुछ लिख भ्रुण हत्या के खिलाफ मैने भी ए...
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