मेरा चरित्र ख़राब हो
इससे किसे फर्क पड़ेगा
लोगो के मनोरंजन में तो
एक और हिस्सा जुड़ेगा
कई मसाले होंगे तैयार
खूब खिचड़ी पकेगी
लोगो का यही काम है
उनकी तो इसी से महफ़िल सजेगी
असर तो होगा तब जो
मसाला परिवार पर छिड़केगा
चंद भर आकर्षण में
परिवार का मान गिरेगा
उस परिवार की खातिर
खुद में कई परिवर्तन लाऊंगी
गर्व करे परिवार मुझ पर
ऐसा व्यक्तित्व बनाउंगी
मेरा चरित्र मान है मेरा
दुनिया को दिखाना है
लांछन कोई कैसे लगा दे
ऐसा मजबूत बनाना है
आज अचानक मन बह गया उस और भ्रुण हत्या के मामले दर्ज है चहू और सोचा इस पाप के खिलाफ मैं भी करू कुछ कोशिश ज्यादा कुछ नही तो अपनी कविता मैं ही कुछ लिख भ्रुण हत्या के खिलाफ मैने भी ए...
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