*संवत २०७५ का अंतिम दिन*
वर्ष का है अंतिम दिन संवत २०७५,
हृदय की गहराइयों से देना मेरे प्रश्न का उत्तर,
कभी दुखाया दिल तुम्हारा इस वर्ष क्या मैने,
क्षमा याचना करती हूँ यदि हो उत्तर हाँ में,
नववर्ष है प्रारंभ कल से नया सवेरा होगा,
शुभचिंतक हूँ सलाह दूंगी प्रारंभ कर दो योगा,
जो बिता सो बीत गया पर अब ना गलती करेंगे,
कोशिश करेंगे, आगे बढ़ेंगे पर ना किसी से जलेंगे,
हमारा भविष्य तो हमे है बुनना, अच्छाई है चुनना,
बुरा नही हम सोचेंगे और सदवाक्य है सुनना,
अपनी भाषा, संस्कृति है भारत की पहचान,
भारत माँ की उम्मीदों का रखना थोड़ा मान,
स्वच्छता से देश सजेगा, स्वस्थ भारत बनेगा,
बेईमानो पर काल घिरेगा और आतंक थमेगा,
कुछ आशाएँ, कुछ उम्मीदे आज बांधकर सोएंगे,
खुदसे करते है यह वादा मुश्किल में ना रोयेंगे,
नववर्ष में कोशिश होगी, हिम्मत, जोश बढ़ाएंगे,
खुद में बदलाव के वादे कर नववर्ष मनाएंगे।
😊😊 *नूतन पू.त्रि.* 😊😊
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