गुरुदेव की महिमा का गुणगान हो जहाँ पर
वो स्थान ईश्वर को प्रिय हो जाते है,
ईश्वर से बड़ा इस जग में ना कोई है
पर गुरु ही है वो जो ईश्वर को भी सिखलाते है,
हमारी कलम गुरुदेव की महिमा का बखान करे
प्रभु की कृपा है जो वो हम पर बरसाते है,
क्योकि गुरुदेव के ज्ञान में तो ब्रह्माण्ड समाता है
हम उनका गुणगान अपने शब्दों में सुनाते है
और गुरुदेव का सम्मान होता है जहाँ पर
प्रभु भी हमारे वहाँ पर खिंचे चले आते है।
तीर वाले रामजी या बंशी वाले श्यामजी
या हम इंसानो के आधुनिक विज्ञान की ही बात हो,
गुरु के बिना ये जीवन बेजान हमारा जब तक
जीवन की महत्ता का ना ज्ञान हमे ज्ञात हो,
लाखो लोग अंधकार में यु ही टकरा रहे है
फर्क इससे पड़ता नही चाहे लाखो साथ हो,
जुगनू जितना ज्ञान भी पकड़ में यदि आ जाये तो
ले जाएगा वहाँ जहाँ अथाह प्रकाश हो,
गुरुज्ञान सिखलाना जरूरी आज की पीढ़ी को है
व्हाट्सअप जिनका गुरु सोशल मिडिया जिनके साथ हो,
व्हाट्सअप का ज्ञान स्वच्छ ना ही पूरी तरह सत्य है
जिसकी ऊँगली थामोगे तो आगे चल विनाश हो,
गुरु का चयन भी कोई बच्चों का है खेल नही
श्रेष्ठ गुरु चुन सको अगर दिमाग आपके पास हो,
और लगती नही आवश्यकता गुरु की यदि तुम्हे तो
ज्ञान की भी तुम्हारे क्या कोई बिसात हो?
जीवन में हो संघर्ष लेकिन हिम्मत की हो कमी नही
राहे पार कर जाए वो गुरु जिनके साथ हो,
गुरु यदि सम्मुख ना हो तो भी कोई बात नही
सागर पार कर जाओगे गुरु ज्ञान जो साथ हो।
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