आज के दिन की
बात ही अलग है,
आज की हवाओ का
साज ही अलग है,
पंछियों के गीतों में
अलग ही सुरताल है,
सबके दिलों की
धड़कन बेहाल है,
हवा जो हल्के से
गालो को छू जाती है,
ऐसा लगता है भारत माँ
प्यार से सहलाती है,
इतने वर्ष बीत गये
पर आज भी आँखे नम है,
देशभक्ति से भरा है मन
ये ना समझना कोई गम है,
चेहरे पर हल्की सी मुस्कान
आप ही बन जाती है,
जब हम सबके प्यारे तिरंगे को
सलामी दी जाती है,
पुराने दिनों को याद कर
तिरंगा भी मुस्काएँ,
*स्वतंत्रता दिवस की आप सभी को ढेर सारी*
*शुभकामनाएँ*
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