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व्हाट्सअप ज्ञान, अफवाह का मैदान

*व्हाट्सअप ज्ञान, अफवाह का मैदान*

*यदि आप भी व्हाट्सअप पर आये msg को तुरंत फॉरवर्ड करते है तो एक बार यह msg जरूर पढ़ें*

मित्रो,
अभी कई दिनों से देख रही हूँ की कुछ लोग रावण भक्त बन रहे है और उनकी भक्ति में उनकी तारीफों के पुल व्हाट्सअप पर बांधे जा रहे है और कितने ही लोग उस पर आँख बन्दकर चले जा रहे है। कोई रावण को महान बता रहा है, कोई सभ्य की उन्होंने सीता माता को छुआ तक नही, कोई श्रेष्ठ भाई की अपनी बहन के सम्मान के लिए युद्ध किया, कोई सबसे बड़ा शिव भक्त तो कुछ msg तो ऐसे बना दिए की जिसमे बेटी कहती है मुझे रावण जैसा भाई या पति चाहिए।

*हद है मतलब कुछ भी*

आप सभी ने msg पढ़े और उसकी खूब तारीफ की और आगे भेज दिया एक बार सोचा तक नही की यदि रावण अच्छा होता तो क्या विष्णु भगवान को राम अवतार लेना पड़ता? यदि रावण अच्छा था तो क्यों राम राज्य का आना उसके अंत पर निर्भर था? क्यों उसे समाप्त करने के लिए सरस्वती माता ने मंथरा की बुद्धि फेरी और रामजी को १४ वर्ष का वनवास दिलवाया?

यदि रावण महान था और अच्छा राजा था तो उनके राज्य में जो राक्षस ऋषि, मुनियों को खा जाते थे उनके यज्ञ भंग कर देते थे उसमे मांस डालकर यज्ञ अपवित्र कर देते थे प्रजा को बेवजह परेशान करते थे वो भी सही था क्या?

यदि रावण अच्छा भाई होता तो अपनी बहन की गलती पर उसे समझाता ना की सीता माता को उठाकर ऐसा पाप करता। बहन को उसकी गलत इच्छा का दंड मिलने पर समझाने की बजाय दण्ड देने वाले की भाभी को उठा लाना इसमें पता नही लोगो को क्या अच्छा दिख गया? अच्छा भाई रावण नही विभीषण था जिसने रावण को समझाने की कोशिश की पर रावण ने उन्हें राज्य से निकाल दिया।

रावण बहुत बड़ा शिव भक्त था इसमें कोई संदेह नही किन्तु शिवजी की भक्ति तो कितने ही राक्षसों ने की और वरदान प्राप्त किया तो क्या सभी सही हो गए? रावण इतना बड़ा शिव भक्त था कि जिस सोने की लंका को शिवजी ने पार्वती माता के लिए बनवाई थी उसे ही दक्षिणा में मांग ली। रावण ब्राम्हण थे किंतु उनकी प्रव्रत्ति राक्षसी थी जो उनके संहार का कारण बनी।

फिर *सबसे ज्यादा वायरल मेसेज* की रावण ने सीता माता को छुआ तक नही वो कितना सभ्य था। आपको क्या लगता है रावण चाहता तो सीता माता को छू सकता था? कभी नही, सीता माता पतिव्रता और तेजस्वी नारी थी जिन्हें छूना कोई आसान बात नही थी। उन्होंने अपने आस-पास द्रोप से एक आवरण तैयार किया था जिससे रावण उन्हें छू नही सकता था और रावण यदि छूता भी तो भस्म हो जाता क्योकि उसे श्राप मिला था कि यदि उसने किसी भी स्त्री को उसकी मर्जी के बिना छुआ तो भस्म हो जायेगा।

रावण शिवभक्त, महाबलशाली, महाबुद्धिमान, प्रकांड पंडित, महाज्ञानी, विजयी, अमरत्व का वरदानी था ये उसके गुण थे जो उसके घमंड और अपनी शक्तियों का गलत उपयोग करने के कारण उसके नाश का कारण बने।

*अंत में यही की कोई भी मेसेज बिना सोचे समझे ना भेजे। जो प्रथाएँ सालो से चल रही है कोई अचानक उसका विरोध करने लग जाता है और आप उसकी बातों में आ जाते हो। पहले जानो की क्या वह सही है? फिर आगे भेजो और यदि ना समझ आये तो ना भेजो पर कम से कम अफवाही तो ना बनो। आपका एक फॉरवर्ड मेसेज कितने लोगो के मन में गलत ज्ञान का बीज बो देता है जिसके दोषी आप होते हो।*

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