ना कोई सम्पत्ति काम आएगी
और ना ही ऊँची ऊँची शिक्षा,
बुढ़ापे में जब दोस्तों से मिलोगे
तब प्रश्न यही होगा की
अच्छा पुत्र है किसका?,
तब ये कोई नही जानना चाहेगा
की आपका बेटा कितना कमाता है?
प्रश्न यही होगा की
क्या आपका बेटा आपको
सम्मान देता है?
2 वक्त की रोटी ही काफी है
यदि बेटा हो पास,
वरना आलीशान सुविधाएँ भी
सजा लगती है व्यस्त बेटे के साथ,
इसलिए संस्कार दो बचपन से
की जीवन जीना सुकून से,
मत लिखना कभी सफलता
माता-पिता के अरमानों के खून से,
नाजो से पालो वह खून है आपका,
पर संस्कार दो ऐसे की
भागी ना बने किसी पाप का,
आपका बेटा सिर्फ आपकी
नही कमाई,
कई बार दुसरो को झेलनी पड़ती है
आपके बेटे की रुसवाई,
संस्कार दो ऐसे की
सम्मान करे वह आपका,
क्योकि प्रेम में ही परम् आनन्द है
और चकाचोंध कारण है
सुखों के नाश का,
एक और महत्वपूर्ण संस्कार
जो आज के बेटों को जरूरी है,
जिसके बिना संस्कारो की
शिक्षा बहुत अधूरी है,
नारी के सम्मान का
नजरिया उनके पास हो,
निडरता से जिए हर नारी
देश के बेटों पर उसे विश्वास हो।
आज अचानक मन बह गया उस और भ्रुण हत्या के मामले दर्ज है चहू और सोचा इस पाप के खिलाफ मैं भी करू कुछ कोशिश ज्यादा कुछ नही तो अपनी कविता मैं ही कुछ लिख भ्रुण हत्या के खिलाफ मैने भी ए...
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