इंसानो को कुत्ता कह दो
आग बबूला हो जाता,
हैसियत नही है बराबरी की
जितनी वफादारी कुत्ता निभाता,
अगर यदि होती
कुत्तों में भी अक्ल,
तो कुत्तों को इंसान कहना
गाली बन जाता,
और कुत्ता भड़क कर काट खाता।
आज अचानक मन बह गया उस और भ्रुण हत्या के मामले दर्ज है चहू और सोचा इस पाप के खिलाफ मैं भी करू कुछ कोशिश ज्यादा कुछ नही तो अपनी कविता मैं ही कुछ लिख भ्रुण हत्या के खिलाफ मैने भी ए...
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