होली के त्यौहार पर मैं आप सबको हूँ देती
अपने शब्दों से रंगीन रंगों की शुभकामनाएँ
होली का त्यौहार सिर्फ रंगों का ही खेल नही
सनातन संस्कृति की कथाएँ भी वो दोहराएँ
होली का त्यौहार है प्रहलाद की भक्ति का प्रतीक
होलिका दहन की खुशियाँ सब में भर जाएँ
भिन्न भिन्न रंगों का जो अर्थ हम लगाए तो
ये भिन्न भिन्न मानवों से रंगीन दुनिया बन जाए
होली का त्यौहार जो पुराने कपड़ो को रंगे
फटे हुए कपड़ो में भी जान वो छिड़क जाए
कहता है पुराने रिश्ते छोड़ना जरूरी नही
प्रेम से रंगों तो उनमें भी उमंग भर जाए
पानी की बौछारों को हम जीवन से कुछ यु जोड़े की
ईश्वर की भक्ति जब करे इतने गहरे भीग जाए
भीगे तन पर सूरज की किरणें जितना सुकून देती
भीगे मन पर ईश्वर के ही प्रेम को वो दर्शाएँ
और क्रोध के गुब्बारों को जीवन से कुछ ऐसे फेंको
की जब वो फूटे तो सब पर सरल प्रेम बरसाए
मुश्किलों से डरना क्या वो जीवन का ही अंग है तो
"बुरा ना मानो जीवन है" यह किस्मत पर हम आजमाएं
होली को जो समझा मैने वैसा ही प्रस्तुत किया
प्रेम से भीगे ये दुनिया खुशियो के रंग रंग जाए
और इसी के साथ अपनी वाणी को विराम देती
होली की पुनः आपको ढेरो शुभकामनाएँ।
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