आज देश जो गुजर रहा है
बड़े ही मुश्किल दौर से,
ऐसे में कुछ लोग लगे है
देश की हालत तोड़ने,
कठिन समय है साथ मांगता
नही तुम्हारे ताने,
लेकिन कुछ लोग लगे हुए है
देश के उद्योग गिराने,
देश विदेश की बात नही
यहाँ समय समय की बात है,
विदेशो से दुश्मनी नही
यहाँ देश के लिए जस्बात है,
अब तक जो मजदूरों की
हालत पर अश्रु लिए बैठे,
पर मोदी ने कहा बस इसीलिए
देशी उद्योग से यु ऐंठे,
देशी चीजे हम ना खरीदे
तो उद्योग बचेंगे कैसे?
उन उद्योग में लाखों मजदुर
अपना पेट भरेंगे कैसे?
क्या हो जायेगा अगर जो तुम
देशी चीज खरीद लोगे,
चलो मांगती विदेशी
श्रेष्ठ गुणवत्ता का सबूत दोगे?
लेकर भी गर आ जाओ तो
देशी हमको प्यारा है,
देश हमारा घर है और
घर का उद्योग हमारा है,
कारण नही जो करे बहिष्कार
हम उद्योग विदेशी का,
लेकिन जब तक उपलब्ध है
उपयोग क्यों नही देशी का?
लगे जरूरी तब तो खरीदे
विदेशी उसमे खोट नही,
बस इतना रखना ध्यान
ना पड़ जाये
देश के उद्योगों को चोट कही,
बाकि तुम तो वही करोगे
जो भी तुमको करना है,
पर देश के प्रति फर्ज हमारा
हमको पूरा करना है.....।
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