कुछ दिनों पहले की बात है घर में तैयारी चल रही थी..।
किस त्यौहार की?
नही नही त्यौहार की नही दरअसल रिश्ते के लिए लड़के वाले आने वाले थे।
तो बात अब ये थी की मुझे क्या-क्या पहनना है? कौनसा सूट? कौन सी ज्वेलरी? इसी पर बात चल रही थी। तब काफी देख परख के बाद एक सूट तय हुआ।
अब बारी आई गहनों की.....
तब भाभी बोले दीदी आपकी बालियाँ(सोने की) बहुत छोटी है लड़के वालों के सामने थोड़ा वट पड़ना चाहिए।
आप ऐसा करो आप मेरे टाप्स पहन लो मैं आपके या फिर कोई खोटे पहन लुंगी.......
तभी माँ ने बिच में ही टोकते हुए कहा- *नही तुम बहु हो*
बेटी सोना पहने या ना पहने पर तुम घर की लक्ष्मी हो तुम्हे अपने गहने नही उतारने है...।
माँ के इन शब्दों को सुनकर हर किसी के चेहरे पर एक भावपूर्ण मुस्कान आ गयी...। ☺️
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