*प्यारी सखी* ओ मित्र मेरी,
क्या कहुँ? अब तू ही बता,
प्यारी प्यारी यादो से
तूने तो भंडार भरा,
नही चाहती छुटे कोई
पर सबकुछ सुना नही सकती,
जीवन के वो अनमोल पल
चंद शब्दो में गिना नही सकती,
लेकिन फिर भी इतना कहूंगी
याद तेरी जब आती है,
आँखों में वो यादो की
फिल्म शुरू हो जाती है,
बस उन मीठे पलों के जैसे
दोस्ती हमारी बने रहे,
खटास कभी भी ना पड़े
उन खट्टी मीठी यादो में......।
मित्रता दिवस की ढेर ढेर ढेर सारी बधाई।
*नूतन पू.त्रि.*
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