वाह क्या मौसम है,
बारिश के बाद
हवाओ की जो सनसन है,
कोहरा दिखता घना घना,
जिसके बीच से हल्का सा उजाला छना,
मन करता है इस नजारे को रोक लूँ,
बेमौसम का मौसम है बीमार करेगा
कहते है सब,
पर मन को मोहने वाले
इस मौसम के बारे में ऐसा कैसे सोच लूँ?
इस मौसम का आनंद लेने को
छत पर जाने से खुद को कैसे रोक लूँ????
कैसे कैद करू इस मौसम की याद सोच रही थी?
तभी ख्याल आया क्यो ना कुछ लिख लूँ....।
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