आजादी को हम हर पल
हर सांस में जिये जाते है,
आजादी के दिन को हम
अवकाश की तरह बिताते है,
नही जानते कितनी कुर्बानी
पर मिली ये आजादी,
पढ़कर जोश भरा पल भर का
की कैसे लड़े थे नेताजी,
आजादी के लिए उन्होंने
खून की कीमत मांगी थी,
जय हिंद से भरा जोश
लाखो ने जान लगा दी थी,
शहीदों के देह पर खड़ी
इस आजादी को
यू बर्बाद ना कीजिये,
नेताजी की याद को
रात गयी बात गयी कि तरह
यू भुला ना दीजिए,
आजादी का महत्व समझकर
उनके संकल्प को देना है मान,
उनकी मृत्यु एक रहस्य है अब तक
शायद आजादी का बाकी है काम....।
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