आजकल अजीब तरह की बीमारियां होती है, जिससे हमारे शरीर मे होने वाले छोटे से बदलाव से भी हम घबरा जाते है।
ऐसा ही कुछ हुआ मेरे साथ......
एक दिन ऐसे ही मैं बैठी थी। तभी अचानक मेरी नजर मेरे नाखूनों पर गयी। मैंने देखा वो थोड़े मैले से हो रहे है। मैं घबरा गई मैंने सोचा अरे ! ये क्या? ये मेरे नाखूनों को क्या हो गया है? मुझे इतना तो पता था कि नाखून का मैला होना किसी बीमारी का संकेत है। लेकिन कौन सी?
बस फिर क्या था काम से फुर्सत मिलते ही मैंने गूगल पर खोजना शुरू कर दिया......।
हे भगवान! ये क्या ???? अरे! ये मुझे क्या हो गया?????
इतनी सारी बीमारी; लेकिन मुझे इनमें से कौन सी हुई है?? इन बीमारियों के लक्षण; ये, हाँ ये तो मुझे हो रहा है, हाँ ये भी तो हो रहा है, अरे! ये भी तो हो रहा है।
हे भगवान! क्या करूँ? किसी को बताऊँ या नही ?? ओह्ह ! कुछ समझ नही आ रहा क्या करूँ?? ऐसा करती हूँ अभी शुरुआत है तो पहले घरेलू उपाय करके देखती हूँ शायद इससे ठीक हो जाये और किसी को बताना भी ना पड़े।
फिर 2 दिन घरेलू उपाय कर मैंने फिर नाखून देखे। अरे! ये तो अब भी वैसे ही है। हे भगवान! क्या करूँ? सबको बता दूँ और डॉ को दिखा दूँ। ये सोचते सोचते में नाखून चबाने लगी और अचानक मेरी नजर उस नाखून पर पड़ी जिसे मैं चबा रही थी। अरे! इसका पीलापन तो कम लग रहा है, लेकिन ऐसा कैसे हुआ?
तभी मैंने नाखूनों को कुरेदना शुरू किया और देखा कि नाखूनों का पीलापन तो घिस रहा और घिसते घिसते वो साफ हो गए पहले की तरह। मैं अचंभे में थी कि ये क्या हुआ? तभी मुझे समझ आया कि ये जो मैंने नेलपॉलिश लगाई थी उसका कलर वैसे तो लाल था पर पता नही कैसे वो उड़कर मैला हो गया।
हे भगवान ! अब जाकर मेरी जान में जान आई और बाल बाल बची वरना ऐसे यदि डॉ के पास गई होती तो अच्छा मजाक बन जाता।
वैसे इससे एक बात सीखने को मिली कि मुझे बीमारी तो कुछ थी नही लेकिन थोड़ी सी शंका से मुझे वो सारे लक्षण महसूस होने लगे जो मुझे थे ही नही। इसीलिए शंका का समाधान जितनी जल्दी हो जाये उतना बेहतर है बाबा।
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