ना किस्से ना कहानी में,
ना बचपन ना जवानी में,
बुढापा भी गुजर जाएगा
इन कुछ मनमानी में,
जरा इस बार अपने आप से
पूछो तो बस इक बार,
किया है क्या अनोखा तुमने
अपनी जिंदगानी में, 2
अगर जवाब में मिले ना तुमको
इक अनोखी बात,
घमंड ये छोड़ देना हो बड़े
जग की कहानी में....।
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