रावण का प्रतिरूप जलाने,
बनाये प्रतिरूप राम।
रावण के अवगुण मिले कही भी,
ना मिलते श्रीराम।।
श्रीराम सा आचरण अपनाना,
माना है आसान नही।
पर रावण के अवगुण से तो बचो,
वरना जलोगे ऐसे ही।।
असत्य पर सत्य की विजय के इस
महापर्व दशहरे की आप सभी को
बहुत-बहुत शुभकामनाएँ।
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