एक बार की बात है,
अंधेरी वो रात है,
घूमने चले है माँ पापा
मैं और छोटी बहन भी साथ है,
अरे डरो ना डरो नही
यहां डरने की कोई बात नही,
रास्ते मे मिला हमे एक बच्चा
उसमे कुछ तो बात थी,
बहन और मै खा रहे थे
बड़े चाव से आइस क्रीम,
वह बच्चा जो दूर खड़ा है
खानी उसे भी आइस क्रीम,
मेरे पापा बोले लो बेटा
तुम भी खा लो एक,
लेकिन बच्चे की माँ ने
दिए संस्कार उसको नेक,
ना कहकर वो चला गया
क्योकि थे पैसे पास नही,
माँ जितना भी खिलाती है
उससे बढ़कर तो 56 भोग नही,
तब पापा ने समझाया
और हमने भी जानी यह बात,
माता-पिता की कद्र करो
नही करो किसी से तुलना आप,
माता-पिता जितना भी देंगे
हैसियत से ज्यादा ही होगा,
पुजा करो उनके प्रेम की
खुदा कभी नाराज ना होगा......।
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