सच्चा कौन है? झूठा कौन?
जो जान गए तो मान गए हम,
दस रूपो का एक है चेहरा
भ्रम में हो पहचान गए तुम,
एक रूप को जानोगे
तो नौ को क्या झुठलाओगे,
मुख पीछे का रूप दिखा दे
वो दर्पण कहा से लाओगे,
समय नही है समझ भी नही
बोलो तो बोलो क्या किया जाय?
सामान्य रहना सीख लो तुम
अपने कर्मो पर ध्यान दिया...।
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