दोस्ती के है इतने रंग
की क्या बताऊँ? क्या सुनाऊ?,
दोस्त है इतने अब भी संग
की क्या बताऊँ? क्या सुनाऊ?
भगवान ने भी दिए छांटकर
मुझको ऐसे दोस्त,
विचित्र से है उनके ढंग
की क्या बताऊँ? क्या सुनाऊ?
मेरे सभी अजीबोगरीब दोस्तो को
मित्रता दिवस की ढेर सारी बधाई।
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