वो
कहते है
सब अच्छा है
पर कमी सी लगती है
याद जब भी आती तुम्हारी
दोस्ती बिन जिंदगी अधूरी लगती है
सुनते ही आँखे नम हो गयी मेरी
क्योंकि यही तो कहना चाहती थी मैं भी
कहने गयी जब तो आवाज भारी सी लगती है।
आज अचानक मन बह गया उस और भ्रुण हत्या के मामले दर्ज है चहू और सोचा इस पाप के खिलाफ मैं भी करू कुछ कोशिश ज्यादा कुछ नही तो अपनी कविता मैं ही कुछ लिख भ्रुण हत्या के खिलाफ मैने भी ए...
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें