किसी ने बच्चे खोये,
किसी ने माँ बाप,
किसी ने खोया पूरा परिवार,
वो उड़ान न जाने कैसी थी,
की दहल गया संसार,
कोई जाते जाते रह गया,
कोई जाकर जिन्दा बच गया,
ये जीवन का खेल अजब सा है,
हर जान की कहानी रच गया,
किसी की जीवन की शुरुआत ही थी,
कोई नए सफर पर निकला था,
कोई अपनों से मिलने को बेताब,
कोई घर जाने को तरसा था,
सबकी मंजिल अलग सी थी,
पर नियति शायद एक समान,
सबकी आत्मा को शांति मिले
प्रार्थना यही है हें भगवान.....।
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