नहीं तो....
हम नहीं मानते ग्रहिणी के काम को छोटा,
हाँ हम जानते है ग्रहिणी के कर्तव्य महत्वपूर्ण है,
हम ये भी जानते है की ग्रहिणी की जिम्मेदारियां खास है,
लेकिन ये दुनिया हर चीज को पैसो से तोलती है,
ग्रहिणी के रूप को नाकारा बोलती है,
ऐसे में जब हम ग्रहिणी के रूप में अपने अस्तित्व को
महत्वहीन पाती है,
तो बस अपने अस्तित्व की लाज बचाने के लिए
कुछ कर दिखाने को निकल जाती है,
और जब लौटती है तो अपने ग्रहिणी के रूप को संवारकर
सबकी नजरो में सम्मान पाती है,
और तब हम ख़ुशी ख़ुशी ग्रहिणी होना चाहती है....।
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