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संदेश

नवरात्रि 2026

पग पगले दिखलाओ मय्या, दर्शन देने आओ मय्या, आपकी भक्ति मे रम जाए  ऐसी कृपा बरसाओ मय्या, बच्चे है हम आपके नादान  भूल चूक हो जाती ही है, पर आपकी ममता है ऐसी  क्षमा हमें कर जाती है, आपके तेज और शक्ति का  आव्हान  हर नारी मे हम करते है, नाश करने की शक्ति दो माँ  जो नारी की अस्मत हरते है, नवरात्रि के है ये पावन दिन  भक्ति का हर भाव प्रबल, आपका मोहक स्वरूप है मय्या  हम भक्तो के जीवन का संबल....।

श्री महालक्ष्मी प्रकाटोत्सव

समुद्र मंथन हुआ  करने को अमृत का रसपान, अमृत से पहले प्रकटे  कई रत्न महान, श्राद्ध पक्ष की अष्टमी  माँ लक्ष्मी हुए प्रकट, धन धान्य से सुसज्जित मय्या  धन्य हुआ जगत, मय्या अपना आशीर्वाद  हम सभी पर बरसाये, माँ लक्ष्मी प्रकटोत्सव की  आप सभी को बहुत - बहुत  शुभकामनाएँ 

जिंदगी क्या है?

जिंदगी क्या है? जिंदगी क्या है? इस सवाल का जवाब ढूंढना ही  जिंदगी है। सुख चाहे आपके पास सभी हो  पर ख़ुशी कितनी है?  यह समझना ही जिंदगी है। सुकून की चाहत मे सुकून खोते है हम  उस भागदौड़ मे दो पल  सुकून के मिलना ही जिंदगी है। खुश होने के कारण तलाशना ना पड़े  मन का छोटी बातो मे भी खुश होना ही  जिंदगी है। ईर्ष्या, द्वेष, मद  इनसे सबसे ज्यादा नुकसान  हमारा ही होता है  यह समझकर दिल से इन बोझ को हटाना ही  जिंदगी है। अब आप मुझे ही देख लो  रविवार की सुबह भागदौड़ से दूर  खुली हवा मे बैठकर मन के भावो को  शब्दों मे सहेजने से मिलने वाला सुकून ही तो  जिंदगी है। -पूजा ओझा (नूतन)

दादीजी

ऐसे ही बैठी थी उलझन मे,  जीवन को समझने की  कोशिश थी मन मे, तभी आया ख्याल आपका (दादीजी) मन मे जिक्र होने लगा  उस समय की हर बात का, आपका वो रुतबा  वो व्यक्तित्व का तेज, त्रिवेदी बेंजी नाम से  हम सभी की पहचान एक, सर हमारा गर्व से उठता  मिलता सम्मान सभी की नजरो मे, आपके नाम से प्रेम, सम्मान  पाया है सभी घरो मे, माना सख्ती थी आपकी  कड़क थे सारे नियम, पर संस्कारो की पहचान यही  यह समझते है हम, आपके संस्कारो का कभी  गिरने ना देंगे मान, कभी ख़ुशी कभी गम ही जीवन है  पर हम करते है आपका  दिल से सम्मान....।

मित्रता दिवस 2026

तुम तो सखी हो ना..... समझ जाओगी, हाँ हाँ तुम्ही से कह रही हूँ  तुम तो मेरी best friend हो  मान जाओगी, अब फोटो नहीं डाल सकती ना  समस्या हो जाएगी, कोई सखी यदि छूट गयी  तो नाराज हो जायेगी, पर तुम समझ जाओ  ये मैं तुम्ही से कह रही हूँ, Friendship day की तुम्हे  बहुत बहुत बधाई दे रही हूँ.....।

बचपन की यादे

बचपन के school की साथी जब insta पर मिली, photo भेजी उसे देखकर मन को अलग सी ख़ुशी मिली, समय बीत जाता है लेकिन संजोई है अगर यादे, हल्की आहट ही काफ़ी है वो यादे फिर जगा दे....। 🥰

सुबह

*सुबह* समय तो आगे चलता है, रूप सदा बदलता है, कभी सुख, कभी दुःख,  कभी सामान्य सा, जीवन की राह बदलता है, लेकिन हर राह पर एक सुकून हर बार ही दस्तक देता है, मन का माहौल हो केसा भी  ये उसमे सुकून भर देता है, खुले मे बैठो और करो  मन प्रसन्न करने की तैयारी, आती थी, है और आएगी  हर बार एक सी सुबह प्यारी, प्रकृति हर सुबह को जो  ठंडी हवा, पक्षीयो की आवाज  पेड़ो की सरसराहट से सजाती है, सुबह के दृश्य की यही छवि तो  मन को सुकून दे जाती है। *पूजा ओझा (नूतन)*

महिलाओ का रविवार

शीतला सप्तमी शाम का आँखों देखा बताती हूँ, अपनी बेटी को जब साइकिल चलवाने जाती हूँ, आज का दिन महिलाओ के साल का रविवार है, रसोई से मिलती छुट्टी और दिन मजेदार है, कोई खेल रही बेट मिंटन अपने बच्चों के साथ, कोई लड़ा रही है गप्पे सहेलियों के साथ, कोई घूम रही है गली मे करते बातचीत, तो कोई गा रही मंदिर मे भजन और गीत, हर हफ्ते रविवार नहीं होता महिलाओ के पास, शायद इसीलिए ये दिन लगता है बहुत खास....।

महाशिवरात्रि 2026

नीलकंठ हे महादेव,  हे दया के सागर शिव प्रभो, हे भोलेनाथ हे रुद्रदेव, हे जबरेश्वर हे शिव शंभो, नादानी मे भूल हो कोई  हमको क्षमा कर देना आप, रहे शरण मे सदा आपकी  मन करते रहे आपका जाप....।

मातृभूमि

क्यों प्यार है,  वजह कहो, क्यों भारत इतना प्यारा है, भ्रष्टाचार है, धर्म के झगड़े, क्या भविष्य तुम्हारा है? कहो भला ये बात क्या हुई, ये सोच तुम्हारी बच्ची है, वजह प्रेम की समझानी पड़े  तो समझ तुम्हारी कच्ची है, माँ का कोई विकल्प न होता, मातृभूमि पवित्र है, अच्छा, बुरा कुदरत की आदत  बदलते रहेंगे चित्र ये...।

31 दिसंबर 2025

2025 भी शुरू हुआ था  एक दिन आज खत्म होने को आया है, कितनी ही प्यारी यादो से  इसने खुद को संजोया है, तो कितने ही गमो मे इसने  कई पलकों को भीगोया है, हँसते - रोते ये साल भी बीत गया, अब कैलेंडर बदलने को आया है, जनवरी से दिसंबर तक नई यादो का  नया सफर साथ मे लाया है....।

माँ

सब चल रहा है, सब ठीक ही है, पर आप होते तो बात कुछ और होती....  जिंदगी कई मोड़ से गुजरी और गुजरेगी, पर आप साथ होते तो परिस्थितियों से मुलाक़ात कुछ और होती.....

स्त्री

सुनो जरा  यदि स्त्री का जीवन इतना ही आनंदमय है  तो स्त्री ही क्यों कहती है "अगले जन्म मोहे  बिटिया ना कीजो " क्यों कभी पुरुष नहीं कहते  की "अगले जन्म मोहे बिटिया ही कीजो।"? यदि स्त्री का गृहणी जीवन इतना आसान  और आरामदायक है तो पुरुष कभी क्यों  नहीं कहते मैं तुम्हारी जिम्मेदारी उठाता हूँ  तुम मेरी उठाओ जबकि स्त्री हमेशा तैयार  होती है पुरुष की भी जिम्मेदारी उठाने को। वैसे तो दोनों का ही अपने स्थान पर महत्व  है पर स्त्री को और उसकी जिम्मेदारियों को  अति कमतर  समझना गृहणी होने के प्रति  स्त्री की इच्छाओ को मारता है।

हम ग्रहिणी है

नहीं तो.... हम नहीं मानते ग्रहिणी के काम को छोटा, हाँ हम जानते है ग्रहिणी के कर्तव्य महत्वपूर्ण है, हम ये भी जानते है की ग्रहिणी की जिम्मेदारियां खास है, लेकिन ये दुनिया हर चीज को पैसो से तोलती है, ग्रहिणी के रूप को नाकारा बोलती है, ऐसे में जब हम ग्रहिणी के रूप में अपने अस्तित्व को  महत्वहीन पाती है, तो बस अपने अस्तित्व की लाज बचाने के लिए  कुछ कर दिखाने को निकल जाती है, और जब लौटती है तो अपने ग्रहिणी के रूप को संवारकर  सबकी नजरो में सम्मान पाती है, और तब हम ख़ुशी ख़ुशी ग्रहिणी होना चाहती है....।

गणेश चतुर्थी 2025

हे गजानन, एकदंत  हर घर में आप पधारो, घर में जो कुछ बिगड़ी दशा मेरे बप्पा आप सुधारो, आपका आगमन हर्ष हमारा  श्रद्धा पुष्प चढ़ाये हम, गणपति बप्पा मोरया  उल्लास से शोर मचाये हम...।

अहमदाबाद विमान हादसा - जून 2025

किसी ने बच्चे खोये,  किसी ने माँ बाप, किसी ने खोया पूरा परिवार, वो उड़ान न जाने कैसी थी, की दहल गया संसार, कोई जाते जाते रह गया, कोई जाकर जिन्दा बच गया, ये जीवन का खेल अजब सा है, हर जान की कहानी रच गया, किसी की जीवन की शुरुआत ही थी, कोई नए सफर पर निकला था, कोई अपनों से मिलने को बेताब, कोई घर जाने को तरसा था, सबकी मंजिल अलग सी थी, पर नियति शायद एक समान, सबकी आत्मा को शांति मिले  प्रार्थना यही है हें भगवान.....।

समय

समय भी कितनी करवटे बदलता है, कभी सपने दिखाकर हमें छलता है, तो कभी उम्मीद से बढ़कर फलता है, समय के फेर से बचना किसी के वश में नहीं है, कभी खत्म नहीं होता  तो कभी पल भर में ढलता है......।

हैदराबाद जंगल अत्याचार

वाह रे वाह इंसान  तेरी मैं कितनी क्या तारीफ करू? क्या खूब तरक्की करता है तू  उसकी क्या ही बात करू? तू आँख पर पट्टी भी ना बांधे  सुंदर वन उड़ा देता, तू कान को भी बंद ना ही करे निर्दोष जानवरो को तड़पाता, जिन आवाजों को सुन सुनकर  दिल चीख चीख कर रो रहा, इसकी मंजूरी जिसने दी  वो राक्षस तो खुश हो रहा, एक बात को तुम समझ लेना  ये प्रकृति बेज़ुबान नहीं, जब चीखेगी तो पल भर में  तेरा वजूद मिटा देगी, वो सहती है क्योंकि वो जाने  तबाही सब पर आएगी, करनी होंगी दुष्टो की  पर जान मासूमों की जायेगी....।

शौक

अपने शौक को फालतू न समझे  उन्हें भी साथ लीजिये  हो सकता है कुछ कमाल हो जाए,  वरना मन मारकर जिया भी तो क्या जिया  जब अंत में ख़ुशी ना मिले, मलाल रह जाए 😊😊

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आज अचानक मन बह गया उस और भ्रुण हत्या के मामले दर्ज है चहू और सोचा इस पाप के खिलाफ मैं भी करू कुछ कोशिश ज्यादा कुछ नही तो अपनी कविता मैं ही कुछ लिख भ्रुण हत्या के खिलाफ मैने भी ए...

दोस्ती की पहचान

दोस्ती क्या है आज मन मे उठा य़े सवाल है ये सच्ची यारी या है कोई बबाल दोस्ती को समझने के लिए लिया दोस्तो का सहारा तब पता चला ये बबाल नही है रिश्ता बडा ही प्यारा मुझे क्या पता चला वह मैं आपको बताती हूँ मैने कीतना समझा अपनी कविता से आपको सुनाती हूँ की दोस्ती हवाओ का है एक इशारा सुबह की गुनगुनी धूप सा सुनहरा कभी दोस्ती है पूनम के चॉद सी तो कभी नोक झोक मे अमावस की रात सी कभी हो हथेलियो मे शांत कंगन तो कभी खनकती चुडियो की खनखन कभी दुल्हन के होठो पर चमकती हुई लाली तो कभी मनमोहक खुशबू लाल गुलाबो वाली ये है ऐसा रिश्ता जो हर जगह मिल जाए जाए कही भी हम अगर एक नया दोस्त पा जाए कीतने बताऊँ दोस्ती के है कितने सारे रंग सिर्फ इतना पता है यह रिश्ता हमेशा होगा संग सिर्फ इतना पता है यह रिश्ता हमेशा होगा संग

नारी की परिभाषा

नारी की परीभाषा  नारी ही तो है सम्मान आदर की मुरत  नारी ही दिखलाये जीवन मे खुशियो कि सुरत  नारी का करोगे सम्मान आदर मिलेगा  जीवन गुलाब के फूल कि तरह खिलेगा  नारी ही तो भारत मॉ ममता की मुरत है  नारी ही तो देश कि आजादी का स्वरूप है  दुनिया को बनाने वाली नारी माता दुर्गा है  दुनिया को बचाने वाली नारी मॉ कालीका है  दुनिया मे ही एक देश नारी भारत मॉ का है  जिनकि मिट्टी की खुशबु मे हर कोइ बन्ध जाता है देश को बेचने वालो का काल ही तो नारी है  आजादी दिलाने वाली नारी लक्ष्मीबाई है  नारी के है रूप इतने देवि कहलाये वो  हर रिश्ते को सच्चे साफ मन से निभाये वो  मॉ बाबा का बेटी बन सर गर्व से उठाए नारी  तो कभी बहन बन रक्शाबन्धन निभाये नारी  कभी बन पत्नि सात जन्मो का दे साथ नारी  तो कभी मॉ बन ममता बिन स्वार्थ लुटाए नारी  नारी के बिना किसी का कोई अस्तित्व नहीं  बादलो को चिर निकला सुर्य का प्रकाश है नारी बादलो को चिर निकला सुर्य का प्रकाश है नारी